चिंगारी के को-फाउंडर और CEO सुमित घोष का कहना है कि “हमे इस बात की ख़ुशी है की ऑडियो रूम्स को इतना पसंद किया जा रहा है. हमने लगातार नए फीचर्स को शामिल करने का प्रयास किया है जिससे…
आज के इस डिजिटल युग में कहानियां सुनने-सुनाने और बातचीत का मीडियम काफी बदला है. इसके लिए लोग वीडियो, पॉडकास्ट, एप, ट्विटर स्पेस, क्लबहाउस आदि का इस्तेमाल करते हैं. इन सभी माध्यमों को लोग अपनी सुविधानुसार यूज करते हैं. इसी तरह शॉर्ट वीडियो मोबाइल ऐप ‘चिंगारी’ भी ऑडियो रूम्स का फीचर देता है. ये ऑडियो फीचर आपको अपनी ही तरह विचार रखने वाले लोगों के साथ जुड़ने और एक्सपीरियंस शेयर की सुविधा देता है. चिंगारी ऑडियो रूम्स के जरिए आप अपनी सुविधानुसार अपने इंट्रेस्ट के किसी भी बातचीत में शामिल हो सकते हैं.
गारी टोकन आधारित चिंगारी ऐप द्वारा लांच किये गए ‘चिंगारी ऑडियो रूम्स’ ने प्रति दिन 10 लाख मिनट की यूजर एक्टिविटी को पार कर लिया है. लांच होने के 8 महीने के भीतर चिंगारी ऑडियो रूम्स पर प्रति माह 3 करोड़ मिनट यूज़र्स ने बातचीत की है. चिंगारी ऑडियो रूम्स का लांच मई 2022 में किया गया था.
चिंगारी ऑडियो रूम्स की बढ़ती लोकप्रियता का अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि इसकी मंथली यूजर एक्टिविटी पिछले तीन महीनो में दोगुना हुई है. नंबर के हिसाब से देखें तो तीन महीने पहले मंथली यूजर एक्टिविटी 1.5 करोड़ मिनट थी जो अब बढ़कर 3 करोड़ हो गई है. आगामी 6-8 महीने में कंपनी को मंथली यूजर एक्टिविटी 9-10 करोड़ तक जाने की उम्मीद है.
एप पर समय बिताने के बदले मिलते हैं पैसे
इस ऐप को इसका खास फीचर इसे बाकी इस तरह के ऐप से अलग बनाता है. दरअसल चिंगारी ऑडियो रूम्स पर समय बिताने पर यूजर को गारी टोकन प्रदान करती है. यहां से यूजर्स को जो गारी टोकन्स मिलते हैं उन्हें यूजर विभिन्न क्रिप्टो एक्सचेंज की मदद से रुपये में बदल सकते हैं.
फेवरेट क्रिएटर्स को दे सकते हैं वर्चुअल गिफ्ट
चिंगारी ऑडियो रूम्स की खासियत इसकी इन-एप वर्चुअल गिफ्टिंग है जो यूजर, ऑडियो रूम्स के होस्ट को दे सकता है. इससे होस्ट को अपने फैंस/यूजर से लाभ भी मिलता है. इसके साथ ही यूजर्स अपने फेवरेट क्रिएटर्स से सीधे बात कर सकते हैं और उन्हें गारी टोकन भी दे सकते हैं. इस वर्चुअल गिफ्टिंग को यूजर्स गारी टोकन में रिडीम कर सकते है.
चिंगारी ऐप ने यूजर और क्रिएटर्स के लिए ऑडियो रूम्स, सब्सक्रिप्शन प्लान, वीडियो एनएफटी मार्केटप्लेस (Creator Cuts), गारी माइनिंग जैसी सुविधाएं भी देती है.
चिंगारी के को-फाउंडर और CEO सुमित घोष का कहना है कि “हमे इस बात की ख़ुशी है की ऑडियो रूम्स को इतना पसंद किया जा रहा है. हमने लगातार नए फीचर्स को शामिल करने का प्रयास किया है जिससे इंगेजमेंट रेट बढ़ा है. उदहारण के तौर पर क्विज (Quiz) जो कम समय में लोगों को बहुत ज्यादा पसंद आ रहा है. हमारा लक्ष्य है की चिंगारी को हम ऐसा मंच बनाएं जहां मनोरंजन के साथ कंटेंट को भी मोनेटाइज किया जा सके और क्रिएटर्स की इनकम का एक साधन बने”
ऑडियो रूम्स के बारे में बात करते हुए चिंगारी के प्रोडक्ट मैनेजर अंकित झा ने कहा “हमने हमेशा यूजर एक्सपीरियंस को प्राथमिकता दी है और प्रोडक्ट को बेहतर बनाने की कोशिश की है. हमारे इस प्रयास को यूजर्स ने सराहा है जिसका नतीजा है ऑडियो रूम्स में देखी गई वृद्धि और उसकी बढ़ती हुई लोकप्रियता है”
गारी टोकन आधारित चिंगारी मोबाइल ऐप को साल 2018 में लॉन्च किया गया था. यह स्वदेश में ही विकसित ऐप है. यहां यूजर्स को डांसिंग, सिंगिंग, ट्रांसफॉर्मेशन, इनोवेटिव स्किल संबंधित अलग-अलग तरह के वीडियो कंटेट मिलते हैं. ग्लोबल लेवल पर भी चिंगारी की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है. यह सबसे ज्यादा डाउनलोड के मामले में भी चिंगारी एप दुनिया के टॉप-20 मोबाइल ऐप में शामिल है. इस प्लेटफॉर्म के साथ 130 मिलियन यानी 13 करोड़ से ज्यादा यूजर्स में जुड़े हैं. ये यूजर्स 15 अलग-अलग भाषाओं में अपना पसंदीदा वीडियो देखते हैं और एंटरटेन होते हैं.
गारी सोशल टोकन क्या है?
गारी टोकन अपने देश में विकसित डिजिटल टोकन है जिसे चिंगारी ऐप ने तैयार किया है. गारी टोकन की मदद से शॉर्ट वीडियो बनाने वाले कंटेट क्रिएटर्स अपने वीडियोज को मोनेटाइज कर सकते हैं और पैसे कमा सकते हैं. गारी टोकन की मदद से वे अपने वीडियोज को ब्लॉकचेन पर यूनिक पहचान देते हैं जिसके बाद इसका मोनेटाइजेशन होता है. 19 लाख से ज्यादा यूजर्स ने गारी टोकन का इस्तेमाल किया है और उनकी होल्डिंग में यह डिजिटल टोकन शामिल है.


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